काव्य

दोपहर के बैठे हो रही है शाम, कुछ न सुझा मेरे मन को आप चाहता हूँ लिखनाा पर ढँग नही है आप सोचता हूँ कुछ आएगी अक्ल मेरी खुल जाएगी काव्य प्रकाशित हो जाएगा, सबके मन को लुभाएगा शेख चिल्ली की तरह, देखता हूँ ख्वाब, कभी तो छप जाए मेरे लिखे काव्य, एक और बकवास, […]

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नारी अरि न होत है !

वो शांत थी जब तक शांत थी , उसकी अप्रिय स्तिथि का अंदाजा किसी को न था , उन बेहोशी के दिनों में, उनके बीच कुछ सही नहीं था |   उसके गुस्से का भड़कना , उसकी आत्मा का तड़पना, सभी परीक्षाओं के बारे में वह समझ गई थी। भीतर से हासिल करने के बावजूद, […]

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मुश्किल प्यार

    यह लम्हा मुझे दर्द और सहानुभूति से भर देता है, जब मेरी आत्मा पर तेरे धोखे के निशान महसूस होते हैं , तुझसे से लड़ने की मेरी इच्छा पर खुश होकर, उम्मीद के वो आखिरी लम्हे काफ़ी दूर होते है। मैं सभी यातनाओं और पीड़ाओं को सहर्ष सह लेता मगर , क्योंकि मेरे […]

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~~~रूह~~~

  रूह कई जन्मों तक तरसी है मेरी चंद दिनों में प्यास तुम बुझा पाओगे नहीं चाहत है जिस आग की मुझे मेरे रहबर वो आग मेरे सीने में लगा पाओगे नहीं ग़ालिब और गुलज़ार जिस राह पर गए हैं गुज़र उस राह पर तुम मुझको ला पाओगे नहीं तेरे नाम से इश्क की शमा […]

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“वैलेंटाइन दिवस” – एक विचार #MyFriendAlexa

  14 फरवरी को वार्षिक रूप से संत वेलेंटाइन दिवस के रूप में जाना जाता है। वेलेंटाइन डे को दुनिया भर के कई क्षेत्रों में रोमांस और रोमांटिक प्रेम के उल्लेखनीय सांस्कृतिक, धार्मिक और व्यावसायिक उत्सव के रूप में जाना जाता है, हालांकि यह किसी भी देश में सार्वजनिक अवकाश नहीं है। नेट पर बहुत […]

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ह्रदय की कल्पना : 2013- 2019 #MyFriendAlexa

  मेरा मानना ​​है कि अगर हम किसी से मिलते हैं तो उसके पीछे एक कारण है और एक कहानी बनती है और जब कोई आपके जीवन में आता है जैसे कहीं से हवा का झोंका आता है और आपके पूरे जीवन को बदल जाता है इसे चमत्कार कह सकते हैं ।   “कल्पना “वह […]

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Book Review : Iztiraar By Akash Rumade

  Description ‘Growing old is inversely proportional to the number of friends you make or have… Get-together has just become a gathering of people discussing how much one has climbed the multi-dimensional social ladder.’ Iztiraar is a compilation of 9 good short stories written by Akash Rumade. Most of the stories are set in the […]

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कविता चांद सितारों की

क्या आपने कभी उल्का बौछारें देखी हैं? यह उल्का बौछार हर साल होती है क्योंकि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करते हुए क्षुद्रग्रह (Asteroid) से छोड़े गए मलबे से होकर गुजरती है। जैसे ही क्षुद्रग्रहों से निकलने वाला मलबा पृथ्वी के वायुमंडल के संपर्क में आता है, वे भड़क उठते हैं और पूरे आकाश में तेज […]

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लेखक के ब्लॉक (Writer’s Block)

यह नोएडा में मेरा तीसरा दिन है। मुझे आगरा की ताजा हवा याद आती है, लेकिन उतनी नहीं। नोएडा अब देखभाल करने लगा है। मैं अब किसी अजनबी की तरह महसूस नहीं करता। मौसम वैसा ही है जैसा मैंने कुछ साल पहले छोड़ा था। हां, हवा थोड़ी प्रदूषित है, लेकिन जब तक मेरे ऊपर साया […]

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अकेलापन

मैं आज बहुत अकेला हूं। मुझे एक बार फिर से ऐसा लगा कि मैं कुछ नहीं लिख पाऊँगा , लेकिन लेखन के अलावा इस अकेलेपन पर काबू पाने का कोई रास्ता नहीं था। इसलिए यहां मैं हर दिन की तरह दिखा रहा हूं। इस समय को छोड़कर, मेरा ये पत्र स्वयं के लिए आप से […]

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Stories of the monsoon are coming up #BirthdayBlogTrain #GWNxTNM

  Aah! The sky started to be cloudy. Stories of the monsoon are coming up. From hot sighs of dried reservoirs The sloping fields of ablution are the only way. With the urgent need of farmers Prayers turned out to be visible. The sky started to be cloudy. Stories of the monsoon are coming up. The winds also blew up the leaves. Monsoon is beginning to grow. The winds also […]

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